सदियों पहले से ही लहसुन का इस्तेमाल औषधि के रूप में किया जाता है। लहसुन में ऐसे कई गुण होते हैं जिस वजह से ये कई तरह की बीमारियों से हमारा बचाव करती है। इन्ही गुणों के कारण इसे आप सुपरफ़ूड की श्रेणी मे रख सकते हैं। बहुत कम लोग यह जानते हैं कि आप लहसुन की मदद से पीठ दर्द में भी राहत पा सकते हैं। इस आर्टिकल में हम आपको बता रहे हैं कि पीठ दर्द से आराम पाने के लिए लहसुन का कैसे और कितनी मात्रा में इस्तेमाल करें।
1. एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण : लहसुन में शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं और इसी वजह से यह कई तरह के दर्द से आराम दिलाने में मदद करती है। इसमें मौजूद थियाक्रेमोनॉन नामक यौगिक जोड़ों में होने वाले दर्द से भी आराम दिलाता है।
2. एंटी-ऑक्सीडेंट क्षमताएं: लहसुन में ऐसे एंटी-ऑक्सीडेंट होते हैं जो फ्री रेडिकल डैमेज को रोकते हैं। इसमें मौजूद सेलेनियम और एलीसिन जैसे यौगिक दर्द से आराम पहुंचाने में बहुत मदद करते हैं।
3. हाइपोटेंशन क्षमताएं: लहसुन में मौजूद कुछ यौगिक ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करते हैं। इसमें बिल्कुल पेनकिलर क्षमताएं होती हैं जो तुरंत किसी भी तरह के दर्द से आराम दिलाती हैं।
कैसे करें इस्तेमाल : कच्चा लहसुन : लहसुन की दो तीन कलियां लें और उसे कूट लें। 5-10 मिनट उसे ऐसे ही छोड़ दें जिससे एलीसिन रिलीज़ हो जाये। अब उसे निगल लें और तुरंत एक गिलास पानी या जूस पी लें।
लहसुन और दूध : लहसुन की 4 कलियां लें और उसे कूट लें। अब लगभग 200 एमएल दूध लें और उसे उबालें। आंच बंद करके दूध को ठंडा होने दें। अब उसमें ये लहसुन की कलियां मिलाएं और थोडा सा शहद डालकर इसे पियें। अगर आपको लहसुन के तीखे स्वाद से कोई दिक्कत नहीं है तो आप लहसुन कि 2-4 कलियां सलाद में डालकर भी खा सकते हैं।
उपयोग के अन्य तरीके : नोट: इस तरह का कोई भी तरीका अपनाने से पहले पैच टेस्ट ज़रूर कर लें जिससे इस बात का पता चल जाए कि आपको किसी तरह की एलर्जी तो नहीं है।
लहसुन का तेल : - 60 एम एल नारियल तेल या सरसों के तेल को हल्का गर्म करें। इसमें 8-10 लहसुन की कूटी हुई कलियां डालें। इन्हें सुनहरा होने तक भूनें। अब इस मिश्रण को कांच के जार में रख लें। जब यह ठंडा हो जाए तो इस तेल से पीठ की मालिश करें। इसे 2-3 घंटों तक शरीर पर ऐसे ही लगा रहें दें दिर धो लें।
गार्लिक पोल्टिस (Garlic Poultice) : 10-12 लहसुन की कलियां लें और ग्राइंड करके पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को पीठ पर लगायें और तौलिये से ढँक दें। अगले एक घंटे तक ऐसे ही लगा रहने दें और फिर उसके बाद गुनगुने पानी से धो लें। बेहतरीन परिणाम के लिए रोजाना एक बार इस प्रक्रिया को दोहरायें
नोट: लहसुन में ऐसे गुण होते हैं जो खून को पतला करने में मदद करते हैं। इसलिए अगर आप पहले से ही ऐसे दवाइयों का सेवन कर रहे हैं जो ब्लड थिनर का काम करती हैं तो इन घरेलू उपायों का सेवन न करें। अगर हाल ही में आपने कोई सर्जरी करवाई है तो लहसुन का इस्तेमाल न करें क्योंकि इसका इस्तेमाल आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है।
कुछ लोगों में लहसुन के साइड इफ़ेक्ट के कारण हार्टबर्न, शरीर और मुंह से दुर्गंध जैसी समस्याएं भी होने लगती हैं।


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